आज अगर बारिश न होती...(14th Feb)

आज अगर बारिश ना होती तो क्या होता?
दो प्रेमी मिलते पार्क में जन्मो के कसमे खाने को?
शिव सेना आती लठ्ठ लेकर संस्कृति का उधम मचाने को!
समाचार विशलेषण करती "सभ्यता का मतलब क्या है?"
प्रेम होता है क्या खुलेआम जिस्म मिलाने को?

आज अगर बारिश ना होती तो क्या होता?
दो-चार खून खराबे होते, नेताओ के भाषण होते,
समाजसेवी सजा सुनाते, कान पकड़ उठ-बैठ कराते,
प्रेमी-प्रेमिकाओं में वो भाई-बहिन का प्रीत जगाते!

क्या एक ही दिन बचा है साल में देशभक्त के जागने को?
भगत सिंह को याद करने और मातृ पूजा करने को?
क्या एक दिन ही शेष बचा है बरस में,
जग को इजहार प्यार का करने को?

ज्योति जब गुडिया बनी थी समाजसेवी कहाँ गए थे?
देशभक्त औ शिव शेना लठ लेकर कहाँ खड़े थे?
आचरण घर में ना सीखा गर बाहर क्या व्यव्हार करेगा?
लाज़ घर का न बचा सका जो देश का क्या उद्धार करेगा?

अरे मुरख! खुद को संभाल तू दुनिया भी सुधर यूँ जाएगी!
आज़ादी का मतलब समझ तू प्रेमी स्वीकार्य हो जाएगी!
-Chandan

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