उसके जाने से

जिन्दगी थमी नहीं है उसके जाने से
कुछ बदला नहीं उसके बदल जाने से
लोग वही हैं जमाना और दस्तूर वही है
कोई खुश कोई नाराज आज भी है ज़माने से
जिन्दगी थमी नहीं है उसके जाने से

तनाव वही है, आकर्षण का खिंचाव वही है
जलन होती है आज भी गैरों के पाने से
तुम न मानोगे कभी ए मेरे हमदम
पर रिश्ते बदलते नहीं औरों के आने से
जिन्दगी थमी नहीं है उसके जाने से

सितम भी कायम है रहम भी कायम है
आलोचकों के अंदाज भी बदले नहीं ज़माने से
कभी आओ मेरे कुचे में तो दिखाऊं तुम्हे
सांस छुटी न अबतक सच को दबाने से
जिन्दगी थमी नहीं है उसके जाने से

दर्द आज भी है मरहम आज भी है
घाव भरा नहीं कभी मन बहलाने से
एहसास भी है मौसम का अंदाज़ भी है
चाँद भी थका नहीं उपमा बदल जाने से
जिन्दगी थमी नहीं है उसके जाने से

-Chandan

तुमसे मिलने की बेताबी क्यों है

तेरा अपना होने पे भी शक है
फिर भी तुमसे मिलने की बेताबी क्यों है
जानता हूँ तेरे परायेपन की वजह
फिर भी ये आँखें हुआ शराबी क्यों है
तुमसे मिलने की बेताबी क्यों है

तुम्हारे पास रहूँ हरदम बिन-वजह
दिल ने सोचा ये गुस्ताखी क्यों है
इक दर्द से महरूम हुए नहीं पूरी तरह
दूजे आह से लिपटने की ख्वाहिस क्यों है
तुमसे मिलने की बेताबी क्यों है

ऐसा नहीं की तेरी वफ़ा पे यकीं न हो
फिर भी इस दिल में शक की गुंजाइश क्यों है
फासला ना यूँ कभी तुमसे बढे
अनगिनत शर्तों की आजमाइश क्यों है
तुमसे मिलने की बेताबी क्यों है

-Chandan

रिश्तों की समझ ऐसी भी क्या

रिश्तों की समझ ऐसी भी क्या
एक तोड़ दिया एक जोड़ लिया
अपनों से मुख यूँ मोड़ के क्यों
और भी अपना जोड़ लिया

जिस अपनों को अपनाते हो
क्या वो अपना तेरा अपना है
जिस अपनों को छोड़ तुम जाते हो
या वो अपना ही तेरा अपना है

तशबीह न रिश्तों का किया करो
सृजन ईश ने है खुद ही किया
रिश्तों की समझ ऐसी भी क्या
एक तोड़ दिया एक जोड़ लिया

उम्र की कीमत लगाकर तुमने
इक रिश्ते का आगाज़ किया
स्वार्थ-निहित संसार का फिर
क्यों तूने नक़ल-नमाज़ किया

विश्वास न किसी का त्याग करो
हर आह को इसने मन से पिया
रिश्तों की समझ ऐसी भी क्या
एक तोड़ दिया एक जोड़ लिया

-Chandan

यकीं नहीं होता

बेवफा हो तुम, यकीं नहीं होता
जफा की पहचान हो, यकीं नहीं होता
मैं पहचान न सका तुम्हे, यकीं नहीं होता
कसमें वादे झूठे थे, यकीं नहीं होता

स्नेह की पहचान हो नाम में झलकता है
कोयल की कुक हो बातों में बरसता है
मेरी ही मुस्कान हो चेहरे से टपकता है
सब पहचान झूठी है, यकीं नहीं होता

"संग मोहे तेरा भाता है, जीवन की पहचान हो
इश्क है समझ में आता है न ही तुम अनजान हो
जीवन भर साथ निभाएंगे, वादों पे कुर्बान हो"
अचानक सबकुछ भूल गए, यकीं नहीं होता

बेवफा हो तुम, यकीं नहीं होता
कसमें वादे झूठे थे, यकीं नहीं होता
सब पहचान झूठी है, यकीं नहीं होता
अचानक सबकुछ भूल गए, यकीं नहीं होता

written by:-
Chandan

यादों से कहो मुझसे दूर रहा करे

अपनी यादों को कहो मुझसे दूर रहा करे
बर्बादी की सारी हदों से गुजर चूका हूँ मैं
कहते हैं कि याद अपनों की ही आती है
परिभाषा अपनों की बदल चूका हूँ मैं
अपनी यादों से कहो मुझसे दूर रहा करे
बर्बादी की सारी हदों से गुजर चूका हों मैं

जब भी याद तुम्हारी आती है
अपना सुध खो देता हूँ मैं
पल हो कितना भी ख़ुशी का
क्षण भर को रो देता हूँ मैं
लम्हे जो साथ बिताये थे
यादों का काँटा लाता है
पल भर की जो कभी ख़ुशी थी
किश्तों में तड़पाता है

गर तू नहीं मेरे जीवन में
यादों को क्यों संजोयुं मैं
भूल कर अपनी ख्वाहिसों को
काँटों में खुद को पिरोयूं मैं
हिम्मत आगे बढ़ने की
ओ मेरे इश मुझे दे दे
रिश्ता बस एक तुझसे हो
झूठे रिश्तों से मुक्ति दे दे


-Chandan Kumar Gupta